Basic Shiksha Vibhag ( बेसिक शिक्षा विभाग )

सरकारी एडेड स्कूलों के छात्रों को अब तक नहीं मिला यूनिफॉर्म का पैसा, बिना ड्रेस आने को मजबूर

सरकारी एडेड स्कूलों के छात्रों को अब तक नहीं मिला यूनिफॉर्म का पैसा, बिना ड्रेस आने को मजबूर

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त्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सरकारी एडेड स्कूल में स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने के लिए छात्रों को पैसा नहीं मिला है.

जब इसकी पड़ताल tv9 भारतवर्ष के संवाददाता ने स्कूल पर जाकर किया तो वहां क्लास 6, क्लास 7, क्लास 8 के ज्यादातर बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में नहीं आए थे. उन छात्रों का कहना है कि हमे पिछले दो सालों से स्कूल ड्रेस का पैसा नहीं मिला है. इस दौरान कुछ छात्र यूनिफॉर्म में आए थे तो उनका कहना है कि हमे यह ड्रेस हमारे घर वालों ने बनवाया है.

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जब इस मामले में एस एस बी एल इंटर कॉलेज देवरिया के प्रिंसिपल अजय मणि से बात की गई तो उनका कहना है कि पिछले 2 सालों से ड्रेस का पैसा नहीं आया है. बाकी जो भी सुविधाएं सरकार द्वारा बच्चों को किताबों, मिड डे मील, फ्री शिक्षा मिलती है, लेकिन 2 सालों से जो उनके ड्रेस का पैसा है ना उनके खाते में आया है ना हम लोगो को प्राप्त हुआ है. बच्चों के ड्रेस का पैसा करोना काल के पहले हम लोगों के पास आता था और बच्चों को ड्रेस उपलब्ध कराया जाता था.

प्रिंसिपल बोले- ड्रेस का पैसा पिछले 2 सालों से नहीं आ रहा

वहीं, प्रिंसिपल अजय मणि ने बताया कि करोना काल के बाद से हमारे स्कूल में और नगर के सभी स्कूलों में अभी तक ड्रेस का पैसा अभी तक उपलब्ध नहीं हुआ है. ड्रेस का पैसा पिछले कई सालों से ही बच्चो को नहीं प्राप्त है.

बच्चे अपना ड्रेस अपने अभिभावक से बनवा लेते

इस दौरान जब जिले टीवी 9 संवाददाता ने देवरिया के बेगम रहमत नूरी जूनियर हाईस्कूल पर जा कर बात की. इस पर वहां की प्रिंसिपल का कहना है कि करोना जब से शुरू हुआ तभी से यह परेशानी चल रही है उसके पहले यूनिफार्म का पैसा आता था. ड्रेस का पैसा पिछले 2 सालों से नहीं आ रहा है. बच्चे अपना ड्रेस अपने अभिभावक से बनवा लेते हैं. ऐसे में जो बच्चे नहीं बनवा पाते हैं उनको स्कूल से ड्रेस बनवा दिया जाता है.

सरकार ने यूनिफॉर्म के लिए जारी किए थे 2200 करोड रुपए

बता दें कि, प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से 8वीं तक के बच्चों को इस योजना का लाभ मिलता है. इस योजना के लिए सरकार ने फाइनेंसियल ईयर 2022-23 में 2366 करोड रुपए की व्यवस्था की गई है. जिसमें 2200 करोड रुपए यूनिफॉर्म के लिए हैं. वहीं 166 करोड रुपए स्टेशनरी के लिए आवंटित किए गए हैं. इससे प्रदेश के 1.91 करोड़ बच्चों को मुफ्त यूनिफार्म एवं स्टेशनरी उपलब्ध कराए जाएंगे.

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