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What is AIS: क्या होता है एआईएस और इनकम टैक्स के नोटिस से ये कैसे करता है बचाव?

What is AIS: क्या होता है एआईएस और इनकम टैक्स के नोटिस से ये कैसे करता है बचाव?

इनकम टैक्स रिटर्न भरने (Income Tax Return Filing) का सीजन जोर पकड़ चुका है. 15 जून के बाद कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को फॉर्म-16 देना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है.

Income Tax Return Filing

इस बार इनकम टैक्स रिटर्न भरने की डेडलाइन 31 जुलाई 2023 है. ऐसे में डेडलाइन के करीब आने से पहले यह काम निपटा लेना होशियारी है.

सिर्फ फॉर्म-16 से नहीं चलेगा काम

हालांकि इनकम टैक्स भरने में सावधानियां बरतने की जरूरत होती है. छोटी सी गलती होने पर आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) नोटिस (Income Tax Notice) थमा सकता है. यही कारण है कि टैक्सपेयर्स को रिटर्न भरने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेजों को अच्छे से चेक कर लेने की हिदायत दी जाती है. सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए फॉर्म-16 इसमें काफी काम आता है. वहीं अगर आपको सैलरी के अलावा कहीं और से भी कमाई हो रही है तो फॉर्म-16 से आपका काम नहीं चलने वाला है.

जरूरी हो गए हैं ये 2 डॉक्यूमेंट

किसी भी प्रकार के अन्य स्रोतों से इनकम होने की स्थिति में आपको कुछ अन्य दस्तावेजों की भी जरूरत पड़ेगी. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इसी कारण टैक्सपेयर्स को हिदायत देता है कि वे एआईएस (AIS) और टीआईएस (TIS) को जरूर चेक करें. इसके लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब हर टैक्सपेयर को एआईएस और टीआईएस का एक्सेस देता है. डिपार्टमेंट ने आईटीआर फाइलिंग में पारदर्शिता लाने और टैक्सपेयर्स के लिए खुद से रिटर्न भरना आसान बनाने के लिए इन दोनों की शुरुआत की है. इन दोनों डॉक्यूमेंट ने न सिर्फ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना आसान बना दिया है, बल्कि इनसे मिलान कर लेने से गलतियां होने की आशंकाएं कम हो जाती हैं.

क्या है एआईएस और टीआईएस

सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है कि आखिरकार ये एआईएस और टीआईएस क्या हैं… एआईएस यानी एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (Annual Information Statement) और टीआईएस (TIS) यानी टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (Taxpayer Information Summary). एआईएस और टीआईएस में टैक्सपेयर्स को हुई सारी कमाई का ब्यौरा रहता है. आपको सेविंग अकाउंट से ब्याज के रूप में कमाई (Saving Account Interest Income) हुई हो या रेकरिंग और फिक्स्ड डिपॉजिट से इनकम (Recurring and Fixed Deposit Income) हुई हो, डिविडेंड के पैसे (Income From Dividend) मिले हों या म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) समेत सिक्योरिटीज के लेन-देन से आय हुई है, ये सारे डिटेल्स इन डॉक्यूमेंट्स में होते हैं.

हर तरह के इनकम का ब्यौरा

आसान शब्दों में कहें तो एआईएस में टैक्सपेयर्स को टैक्सेबल राशि (Taxable Amount) की एकमुश्त जानकारी मिल जाती है. एआईएस में आपको सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों से हुई हर उस कमाई का ब्यौरा मिल जाता है, जिन्हें इनकम टैक्स एक्ट 1961 (Income Tax Act 1961) के तहत स्पेसिफाई किया गया है. मतलब इसमें हर उस इनकम की जानकारी मिलेगी, जो टैक्सेबल कैटेगरी में आती है. वहीं टीआईएस मूलत: एआईएस का सारांश होता है.

कैसे करें एआईएस/टीआईएस को डाउनलोड (How to Download AIS/TIS)…

  • इनकम टैक्स फाइलिंग पोर्टल (www.incometax.gov.in) को ओपन करें.
  • पैन नंबर (PAN Number), पासवर्ड की मदद से लॉग इन करें.
  • ऊपर दिए गए मेन्यू में सर्विसेज टैब पर जाएं.
  • ड्रॉपडाउन में ‘Annual Information Statement (AIS)’ को सेलेक्ट करें.
  • प्रोसीड पर क्लिक करते ही एक अलग विंडो ओपन होगा.
  • नई वेबसाइट पर AIS के ऑप्शन को सेलेक्ट करें.
  • अब आपको AIS और TIS दोनों डाउनलोड करने का ऑप्शन मिलेगा.
  • आप AIS और TIS को PDF या JSON फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं.

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